About One District One Scheme

कड़कनाथ नस्ल का चयन मध्यप्रदेष शासन द्वारा ‘‘एक जिला एक उत्पाद‘‘ के अंतर्गत झाबुआ जिले के लिए चयन किया गया है। कड़कनाथ भारत की एक पंजिकृत मूर्गे की नस्ल है जिसे हाल ही में मघ्यप्रदेष को इसके मांस के लिए ‘‘भौगोलिक संकेत‘‘ (जी आई टैग) मिला है। इसके मॉस में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन तथा वसा न्यूनतम मात्रा में होता है जिससे हृदयरोगी के लिए मांस व डायबटीज रोगियों के लिए इसके अंडे उत्तम आहार है। क्षेत्रीय भाषा में कड़कनाथ को कालामासी भी कहा जाता है क्योकि इसका मॉस, चोंच, कलंन्गी, जुबान, टागें, नाखून, चमड़ी इत्यादि काली होती है जो कि मिलैनिन पिगमेंट की अधिकता के कारण होता है। कड़कनाथ के उपरोक्त विशेषता के कारण देश के कई राज्यो और विदेशी बाजार मे कड़कनाथ मुर्गी पालन और इसके मांस, अंडा आदि की मांग ज्यादा हो रहा है।

जिला प्रशासन झाबुआ माननीय प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत और माननीय मुख्यमंत्री जी के आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश अभियान को आगे बढ़ाते हुये झाबुआ जिले के किसानो और कड़कनाथ बिजनेस से जुड़े हुये लोगो को e कॉमर्स ऑनलाइन प्लैटफ़ार्म उपलब्ध करा रही है जिससे हमारे किसान और सूक्ष्म बिजनेस वाले लोग आज की तकनीक भरी ऑनलाइन दुनिया के साथ कदम से कदम मिला कर चल सके। जिला प्रशासन झाबुआ अपने सहयोगी विभागो के साथ मिलकर कड़कनाथ बिजनेस को ऑनलाइन प्लैटफ़ार्म पर लाने का संकल्प लिया है। हमारे किसान,ढाबावाला,कूक रसोइया व अन्य अपना कड़कनाथ फ़ार्मिंग और इससे संबन्धित उत्पाद को ग्लोबल मार्केट मे बेच सकते है और आत्मनिर्भरता की राह मे एक कदम आगे बढ़ सकते है।

ODOP stands for “One District One Product”. PMFME Scheme adopts one district one product
approach to reap the benefits of scale in terms of procurement of inputs, availing common
services and marketing of products.

The Scheme adopts One District One Product (ODOP) approach to reap the benefit of scale in terms of procurement of inputs, availing common services and marketing of products. ODOP for the scheme provides the framework for value chain development and alignment of support infrastructure. There may be more than one cluster of ODOP product in one district. There may be cluster of ODOP product consisting of more than one adjacent district in a State.

Yes, MoFPI in consultation with the Ministry of Agriculture has approved the list of ODOPs of districts recommended by 35 States/ UTs.

The benefits envisaged under the scheme are as under: Support to Individual Micro Enterprises: Credit-linked capital subsidy @35% of the eligible project cost, maximum ceiling Rs.10 lakhs per unit Beneficiary contribution – minimum of 10% of the project cost, balance loan from Bank. Support to FPOs/ SHGs/ Producer Cooperatives: Credit linked Grant @35% to support clusters and groups such as FPOs/ SHGs/ Producer Cooperatives along their entire value chain for sorting, grading, storage, common processing, packaging, marketing, testing etc.

Yes, entrepreneur can avail the benefit of the scheme for the up-gradation of the existing unit,
however the fund can only be utilized for capital expenditure.

Yes, the applicant may avail the benefit of credit linked subsidy for new as well as existing units
for ODOP of the district.